दर्द 🖤

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दर्द से नाता कुछ यूँ हो गया है
कि दर्द हमारे साथ हो चला है
हर तरफ जो नज़र घुमाई है
ती जर्रे जर्रे में इसे पाया है
दर्द से नाता कुछ यूं हो गया है
कि दर्द हमारे साथ हो चला है।

आँख बंद करूं तो ख्वाब बनके आता है
आँख खोलूं तो आँसू बनके टपक जाता है
कभी-कभी सोचती हूँ कि शायद कोई मोड़ आ जाए
जहां दर्द मेरे कदमों को न ढूंढ पाए
दर्द से नाता कुछ यूं हो गया है
कि दर्द हमारे साथ हो चला है।

कभी-कभी कोई राही यूँ मिल जाता है
कि दर्द कहीं कुछ खो सा जाता है
उस एक पल की खुशफहमी में हम यूँ डूब सा जाते हैं
कि आने वाले पल का दर्द कुछ भूल सा जाते हैं
दर्द से नाता कुछ कुछ यूं हो गया है
कि दर्द हमारे साथ हो चला है।

Abstract painting
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