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  • रो दूं तो सही

    रो दूं तो सही कोई आंसू पोंछने वाला तो हो बिखर जाऊं तो सही कोई समेटने वाला तो हो बात अपनी कह दूं तो सहीकोई…

  • एक वक्त वो भी था…

    एक वक्त वो भी था जब चाहा था मैंने कि लोग जश्न मनाएं मेरे होने का महज़ मौजूदगी का और एक वक्त आज का है…

  • Don’t ask me why

    Why the cigarette, they askWhy the isolation, they askWhy the sadness, they askWhy the tears, they askWhy the quiet, they askWhy the pain, they askI…

  • एक सुकून-सा

    वो पत्तों की सरसराहट वो हवा से जुगलबंदी वो पत्तियों के घूंघट में छिपा चांद वो सुकून की आवाज़ जैसे सारी दुनिया काले आसमान की…