तेरे साथ

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तेरे साथ बैठे थे हम जब
तो वक़्त भी शरारत कर रहा था
कुछ ठहरा भी था
कुछ गुज़र भी रहा था
धीरे-धीरे दिल की धड़कन बढ़ा भी रहा था
घटा भी रहा था
किसे पता था प्यार के इस खेल में
वक़्त भी शरारत कुछ ऐसे कर लेता है
कुछ ठहर भी जाता है
कुछ गुज़र भी जाता है
तेरे साथ बैठे थे हम जब…

Pic credit to Ferny

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