खामोशी
जो कभी एक दोस्त हुआ करती थी
अब दुश्मन सी लगती है
खामोशी
जो कभी राहत का बायस हुआ करती थी
अब तूफान सी लगती है
खामोशी
जो कभी रूह का सुकून हुआ करती थी
अब संघर्ष सी लगती है
कब बदले मिजाज़ खामोशी ने
कुछ पता ना चला
और जब खबर हुई
तो बहुत देर हो चुकी थी
गाड़ी बहुत दूर निकल चुकी थी
खामोशी
जो कभी एक दोस्त हुआ करती थी
अब दुश्मन सी लगती है…

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